सम्पादकीय
हमरा
ई बात के अतीव प्रसन्नता बा कि महात्मा गाँधी संस्थान के भोजपुरी विभाग औरु सृजनात्मक
लेखन एवं प्रकासन विभाग के मिलेजुले सहयोग से ‘मॉरिशस के भोजपुरी कविता संग्रह’ के
प्रकासन हो रहल बा | ई संकलन एगो प्रीतिकर जीवंत ऊर्जा के रूप में सामने आवऽ ता |
सन्
१९१३ से १९३० तक के पत्र-पत्रिका में छपल कविता में भोजपुरी सब्द के भरपूर प्रयोग होइल
बा | निश्चय ही भोजपुरी साहित्य के विकास में हिन्दी पत्र-पत्रिका के योगदान सराहनीय
बा | अक्टुबर १९७९ में महात्मा गाँधी संस्थान अपन साहित्यिक पत्रिका ‘वसंत’ के एगो
भोजपुरी विशेषांक निकले रहल जेकर में भोजपुरी में सम्पादकीय लेख, कहानी, कविता, नाटक
आदि सम्मिलित रहल |
‘वसंत’
पत्रिका के एगो दूसर भोजपुरी विशेषांक फरवरी सन् २००० में प्रकाशित होल रहल | ई में
भोजपुरी में विविध लेख, कहानी, नाटक के साथ-साथ बारहगो कविता भी सम्मिलित करल बाटे
|
‘मॉरिशस
के भोजपुरी कविता-संग्रह’ में मॉरिशस के बयालिस कवि लोग के भोजपुरी कविता संकलित बा,
जोन में विषय के विविधता बा | इ कवितवन के विषय ह – गिरमिटिया मजदूर औरु हमनीं के पूर्वज
लोगन के कथा-व्यथा, देस-प्रेम, मॉरिशस के आज़ादी, भोजपुरी भासा के महिमा, हास्य औरु
व्यंग्य, भोजपुरी गीत, आदि...|
ई
संकलन से जहाँ भोजपुरी साहित्य के निजी पहचान स्थापित होय, हूँवी हमनीं के स्थानीय
बोली के प्रभाव भी देखल जाय सकी | पाठक गण पहयन जा कि ई सब कविता अपन समय औरु साहित्य
के विविध समस्या से जुड़ल बा | ई कविता-संग्रह में सरलता के रंग ऐसन भरल गइलबा कि आवे
होला पीढ़ी के लिए प्रकास-स्तम्भ के कार्य करी |
ई
लघु संग्रह में मॉरिशस के भोजपुरी कवि लोग के कविता प्रकाशित बा |आशा बा कि ई भोजपुरी
कविता के संग्रह एगो प्रशस्त सोपान बनके भोजपुरी समाज औरु साहित्य के आगे बढ़ाय में
समृद्ध रहि |
ई
में कोय संदेह नँयखे कि मॉरिशसीय पृष्ठभूमि पर लिखल ई सब भोजपुरी कविता हमनीं के भोजपुरी
समाज में कविता के प्रति नई चेतना औरु रूझान जागृत करि | सम्पादन के समय भोजपुरी भासा
औरु शैली में विविधता देखल गइल बा | ई स्वीकार करेके पीछे हमनीं के उद्देश्य ई बा कि
आगे चलके शोध-कार्य सकी होय औरु विद्वान लोग भोजपुरी के मानकीकरण के काम में ई सब पर
सोच-विचार सकियन जा करे |
‘मॉरिशस
के भोजपुरी कविता-संग्रह’ अब आप लोग के हाँथ में बा | हमर विस्वास ह कि ई संग्रह के
भोजपुरी कविता मन के केवल संतोष ही नँय बल्कि दिशा भी प्रदान करि | आप सब पाठक ही एकर
समीक्षक हवऽ | अपन सुझाव से सम्पादक मण्डल के अवगत करयऽ | हम भोजपुरी विभाग के कर्ता-धर्ता
औरु कविगण के कोटि-कोटि धन्यवाद औरु साधुवाद देवत हँय |
डॉ॰ हेमराज सुन्दर
वरिष्ठ
व्याख्याता औरु
अध्यक्ष
सृजनात्मक लेखन एवं प्रकाशन विभाग
महात्मा
गाँधी संस्थान
मोका,
मॉरिशस
दिनांक : २२.०५.२०१२
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