Sunday, June 3, 2012

फुटबॉल के बुखार - बिन्दा विवेक

                                                            
    फुटबॉल के बुखार  
        बिन्दा विवेक      
 
जे खोलेला फुटबॉल दुनिया के दरवाजा 
उ ही जाने ला उ पार केतना बा मजा !!!
सामदी-दिमास के खेलल जाला
सब फुटबॉल के मामू के इही बोलबाला
“हमर टीम जीती आज
तोर टीम के मुँह होय काला !”

 
टीवी में खूबे फुटबॉल चलेला
उधर पति-पत्नी में डवाँडोल मचेला
पति बोले, “काहे तू खड़ा करत हवे इतना बखेरा
हर सामदी-दिमास के तू खाले हमर करेजा !”
पत्नी बोले, “तू टी़वी के सामने हवे एगो पुतला
इ कोन धंधा ?
एगो गेंद के पीछे भागेला बाइसगो पगला !!
टीम जीती त पति लेजाय पत्नी के शौपिंग
टीम हारी त बोली, “जेब में नोथिंग !!!”

मानचेस्टर जीतेला त लीवरपूल के मामू लोग बेहाल
लीवरपूल जीतेला त मानचेस्टर के मामू लोग पलदामुन नियर लाले-लाल 
मैदान में आवेला रूनी (Rooney)
लीवरपूल के दिल में होला सनसनी
‘सुआरेज़’ मैदान में उतरेला
मानचेस्टर बोलेला “हाय ! हाय !”
लीवरपूल चिढ़ावेला “बाय ! बाय !”

  

फुटबॉल के बुखार जेकरा एक बार लगल
उ त हो जाला पागल
हार-जीत में मचेला हलचल


“इही ह फुटबॉल के बुखार
जेकर ह मरीज़ लाखों-हज़ार !!!”



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